
देहरादून: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अब सरकार के भीतर से भी सीबीआई (CBI) जांच के संकेत मिलने लगे हैं। प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित सभागार में मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण की सीबीआई जांच का फैसला ले सकते हैं।
नए तथ्यों के आधार पर जांच की दरकार
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि अंकिता हम सबकी बेटी और बहन थी और उसके साथ जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने स्वीकार किया कि यद्यपि न्यायालय द्वारा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है और सरकार ने भी न्याय दिलाने में पूरी मदद की है, लेकिन अब इस मामले में कुछ ‘नए तथ्य’ सामने आए हैं। इन नए तथ्यों और जनता की मांग को देखते हुए सरकार गंभीर है।
पेपर लीक मामले का दिया उदाहरण
अपनी बात को बल देने के लिए मंत्री बहुगुणा ने हाल ही में हुए भर्ती पेपर लीक मामले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पेपर लीक मामले में युवाओं के दर्द और जनता के आंदोलन को देखते हुए सीएम धामी ने ‘बड़ा दिल’ दिखाया और सीबीआई जांच की मांग स्वीकार की, वैसे ही इस मामले में भी निर्णय लिया जा सकता है।”
‘मातृशक्ति और युवाओं की सरकार’
सौरभ बहुगुणा ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार मातृशक्ति, युवाओं और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बनी है। उन्होंने कहा, “अगर उत्तराखंड की जनता की यही भावना है कि अंकिता प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए, तो मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री धामी इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएंगे।”
मंत्री के इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं कि क्या वे अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच के आदेश देते हैं या नहीं।
