
रुद्रपुर। आधुनिक युग में इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सावधानी बरतना अनिवार्य हो गया है। इसी उद्देश्य के साथ ‘सुरक्षित इंटरनेट दिवस’ के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य शिक्षाधिकारी (CEO) कुंवर सिंह रावत और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य शिक्षाधिकारी कुंवर सिंह रावत ने कहा कि इंटरनेट की दुनिया जितनी उपयोगी है, उतनी ही जोखिम भरी भी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एआई (AI) के इस दौर में तकनीकी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत मौर्य ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण टिप्स:
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
- अपने सोशल मीडिया और बैंक खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखें।
- किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
- साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- अपनी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है।
यह कार्यशाला न केवल कलेक्ट्रेट में बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के सभी तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों के स्वान (SWAN) केंद्रों पर भी प्रसारित की गई, जिससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी लाभान्वित हुए।
अंत में, छात्र-छात्राओं ने संवाद के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया और संकल्प लिया कि वे स्वयं भी सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करेंगे और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। इस अवसर पर अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी लक्ष्मी चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
