
देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंच गए हैं। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए वे यहाँ आए हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और पूर्व सैनिकों के साथ सीधा संवाद करेंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा
आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज (22 फरवरी) शहर के प्रतिष्ठित और प्रमुख नागरिकों के साथ संवाद करेंगे। वहीं, 23 फरवरी को गढ़ी कैंट स्थित कल्चरल हॉल में पूर्व सैनिकों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके अलावा, वे खंड और नगर स्तर के बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और प्रदेश के पूर्व अधिकारियों के साथ भी भेंट करेंगे।
संघ के 100 साल: उत्सव नहीं, विचारों का मंथन
आरएसएस के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने बताया कि 1925 में विजयादशमी के दिन शुरू हुए संघ के सफर को 100 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ में ‘उत्सव’ की परंपरा नहीं है, बल्कि यह ‘विचारों का उत्सव’ है। इस शताब्दी वर्ष के दौरान आगामी 100 वर्षों के लक्ष्यों और रणनीतियों पर गहन मंथन किया जा रहा है।
उत्तराखंड में संघ का बढ़ता कुनबा: 13 लाख परिवारों तक पहुंच
दिनेश सेमवाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उत्तराखंड में संघ ने अपनी जड़ों को काफी मजबूत किया है:
- परिवार संपर्क: प्रदेश के लगभग 13 लाख परिवारों से संघ जुड़ा है।
- ग्रामीण नेटवर्क: 11 हजार गांवों में 2600 टोलियों ने घर-घर जाकर संपर्क किया है।
- हिंदू सम्मेलन: प्रदेश भर में 712 मंडल और 639 बस्तियों को मिलाकर कुल 1300 इकाइयों में ‘हिंदू सम्मेलन’ आयोजित किए गए हैं, जो आज संपन्न हो जाएंगे।
सामाजिक और सांस्कृतिक योद्धाओं से मुलाकात
इस दौरे की खास बात यह है कि संघ ने ऐसे व्यक्तियों की एक सूची तैयार की है जो सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। डॉ. भागवत इन लोगों से मिलकर समाज के भविष्य और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा करेंगे। गढ़ी कैंट में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
