
देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। शुक्रवार सुबह 10:00 बजे लोक भवन में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही अब धामी कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
इन्होंने ली कैबिनेट मंत्री की शपथ:
शपथ लेने वाले पांचों विधायकों में वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का नाम प्रमुख है। मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए चेहरों की सूची इस प्रकार है:
- मदन कौशिक (हरिद्वार विधानसभा)
- भरत चौधरी (रुद्रप्रयाग विधानसभा)
- प्रदीप बत्रा (रुड़की विधानसभा)
- खजान दास (राजपुर विधानसभा)
- राम सिंह कैड़ा (भीमताल विधानसभा)
क्यों खास है यह विस्तार?
वर्ष 2022 में सरकार गठन के समय से ही मंत्रिमंडल में तीन पद रिक्त थे। इसके बाद परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे (मार्च 2025) के कारण कुल पांच पद खाली हो गए थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने से ठीक तीन दिन पहले हुआ यह विस्तार कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश:
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस विस्तार को राजनीतिक दृष्टि से बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। सरकार ने क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस फेरबदल के जरिए संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाने और नाराज चल रहे नेताओं को साधने की कोशिश की है।
इस बार के फेरबदल में गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ विधायकों की वरिष्ठता को विशेष तवज्जो दी गई है। दिल्ली से लेकर देहरादून तक काफी विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दी गई यह सूची भाजपा के आगामी चुनावी रोडमैप की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
अब राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि इन नए मंत्रियों के आने से सरकारी कामकाज में कितनी तेजी आएगी और आगामी चुनावों में इसका कितना लाभ पार्टी को मिल पाएगा।
