
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की पहली ‘फुल फ्लेज्ड’ (पूर्ण) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरकार ने प्रदेश के विकास, युवाओं के रोजगार और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट के इन फैसलों में सबसे खास ‘वीर उद्यमी योजना’ रही, जिसके तहत राज्य के रक्षकों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खोले गए हैं।
1. वीर उद्यमी योजना: पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को प्राथमिकता
कैबिनेट ने ‘वीर उद्यमी योजना’ और ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के तहत एक बड़ा निर्णय लिया है। अब इन योजनाओं में 10% कोटा पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेगा।इसके साथ ही, इन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।यह कदम देश की सेवा कर चुके युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
2. पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट
युवाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने सिपाही और उप निरीक्षक (SI) भर्ती नियमावली में संशोधन किया है। इसके तहत, जो अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर जाने के कारण भर्ती से बाहर हो गए थे, उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा।इससे हजारों बेरोजगार युवाओं को पुलिस बल में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
3. ई-व्हीकल लोन की सुविधा
पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों की सुविधा के लिए न्याय विभाग के कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने के लिए रियायती ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
4. किसानों के लिए बड़ी राहत
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य में 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य रखा है।खास बात यह है कि गेहूं और धान की खरीद पर केंद्र सरकार जितना मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही राज्य सरकार भी अतिरिक्त मंडी शुल्क देगी, जिससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा।
5. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- बिजली सब्सिडी: ऊर्जा विभाग के तहत निःशुल्क बिजली योजना का लाभ अब 31 मार्च 2025 तक ही मान्य रहेगा।
- शिक्षा क्षेत्र: एडेड स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक विशेष उप-समिति का गठन किया जाएगा। वहीं, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रीमियम से जुड़े प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई।
- प्रशासनिक सुधार: वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक पदों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 25 साल से घटाकर 22 साल कर दिया गया है।
- सेतु आयोग: राज्य की नीति निर्धारण इकाई ‘सेतु आयोग’ को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
- होमगार्ड नियमावली: होमगार्ड्स के लिए नई नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई है, साथ ही भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त किया गया है।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के बाद कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुँचाना है।विशेष रूप से पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और युवाओं के लिए लिए गए निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था और सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध होंगे।बैठक में विधानसभा के पंचम सत्र के सत्रावसान को भी औपचारिक मंजूरी दी गई।
