
खबर के मुख्य बिंदु (Highlight Box):
- स्थान: उत्तराखंड राज्य में उधम सिंह नगर को मिला दूसरा स्थान।
- सम्मानित: सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल को राज्यपाल ने नवाजा।
- अवसर: विश्व टीबी दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम।
- सफलता का मंत्र: समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप और जनजागरूकता।
रुद्रपुर/देहरादून।
टीबी (क्षय रोग) के खात्मे की दिशा में उधम सिंह नगर जनपद ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में जनपद ने टीबी उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विश्व टीबी दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राज्यपाल ने जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. केके अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जनभागीदारी और निगरानी तंत्र ने दिलाई सफलता
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उधम सिंह नगर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कार्यों की जमकर सराहना हुई। अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ताओं और आम जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जनपद में टीबी रोगियों की समय पर पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए और यह सुनिश्चित किया गया कि एक भी मरीज उपचार से वंचित न रहे।
100 दिवसीय सघन अभियान का हुआ आगाज़
सम्मान समारोह के साथ ही उत्तराखंड स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश में 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान बताया गया कि उधम सिंह नगर में विकसित किया गया ‘फॉलोअप सिस्टम’ काफी कारगर रहा है, जिससे न केवल मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि जिले की रोगमुक्ति दर में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं का आभार
सम्मान प्राप्त करने के बाद सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा, “आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की और स्वयंसेवी संस्थाओं ने जागरूकता फैलाने में मदद की। लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना टीबी जैसी बीमारी को हराना संभव नहीं है।”
लक्ष्य: ‘टीबी मुक्त उधम सिंह नगर’
जनपद प्रशासन अब इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए जिले को पूर्ण रूप से ‘टीबी मुक्त’ घोषित करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने संकल्प लिया है कि भविष्य में निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि हर मरीज को सही समय पर दवा और पोषण मिल सके।
