
देहरादून | मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच उत्तराखंड में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त आनंद स्वरूप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर एक्स्ट्रा गैस सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि पैनिक बुकिंग से व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
1. कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी सप्लाई: अब रोजाना 5300 की आपूर्ति
वैश्विक हालातों के कारण शुरुआत में कमर्शियल गैस पर पाबंदियां लगाई गई थीं, जिन्हें अब हटा लिया गया है।
- होटल-रेस्टोरेंट को राहत: पर्यटन राज्य होने के नाते पहले केवल अस्पतालों को गैस मिल रही थी, लेकिन अब होटल और ढाबों के लिए भी कोटा बढ़ाया गया है।
- केंद्र से मंजूरी: 23 मार्च को केंद्र सरकार ने 20% अतिरिक्त कोटे को मंजूरी दी है, जिससे अब प्रदेश में हर दिन 5300 कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई हो रहे हैं।
2. घरेलू गैस: 3 लाख का बैकलॉग घटकर 2.68 लाख हुआ
आयुक्त ने बताया कि घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन ‘पैनिक बुकिंग’ (डर की वजह से पहले ही बुक कर लेना) के कारण बैकलॉग बढ़ गया था।
- बुकिंग नियम: सरकार ने साफ किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन की अवधि के हिसाब से ही गैस बुक करें।
- अपील: अगर घर में भरा हुआ सिलेंडर मौजूद है, तो अनावश्यक बुकिंग न करें ताकि जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सके।
3. पेट्रोल-डीजल की स्थिति: पड़ोसी राज्यों से बेहतर हालात
अन्य राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों की खबरों के बीच उत्तराखंड सुरक्षित है। आयुक्त के मुताबिक, प्रदेश में आईओसीएल (IOCL), भारत गैस और हिंदुस्तान गैस से सप्लाई सुचारू है। उद्योगों को भी 20% अतिरिक्त सप्लाई दी जा रही है।
4. कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 87 ठिकानों पर छापेमारी
खाद्य विभाग ने 9 मार्च से 27 मार्च के बीच प्रदेशभर में सघन अभियान चलाया:
- कार्रवाई: कुल 4478 निरीक्षण किए गए और 87 जगहों पर छापेमारी हुई।
- गिरफ्तारी: कालाबाजारी के आरोप में 15 एफआईआर दर्ज की गईं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- जब्ती: 672 घरेलू और 139 कमर्शियल सिलेंडर (कुल 811) जब्त किए गए। साथ ही एक पिकअप वाहन और रिफिलिंग किट भी पकड़ी गई।
- जुर्माना: नियम तोड़ने वालों से ₹85,100 का अर्थदंड वसूला गया।
5. स्वदेशी PNG पर जोर: पाइपलाइन नेटवर्क का होगा विस्तार
सरकार अब विदेशी आयातित तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के लिए पीएनजी (PNG) को बढ़ावा दे रही है।
- देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है।
- दूर-दराज के इलाकों के लिए ‘क्लस्टर मॉडल’ पर विचार हो रहा है ताकि पहाड़ों तक पाइप वाली गैस पहुंच सके।
खाद्य आयुक्त की नसीहत:
“अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है। केवल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करें ताकि सप्लाई चेन सुचारू बनी रहे।”
