
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के इन्द्रानगर स्थित होटल रॉयल इन पैलेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड को सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की।
‘मन की बात’ : असाधारण व्यक्तित्वों को सम्मान देने वाला मंच
मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को एक अद्वितीय जनसंवाद मंच बताते हुए कहा कि यह विश्व के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संचालित सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों में से एक है। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम समाज के उन गुमनाम नायकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद मानवता और समाज के लिए असाधारण कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई ये कहानियाँ देशवासियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।”
प्रधानमंत्री के दौरों से उत्तराखंड के पर्यटन को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में उत्तराखंड के प्रति गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री ने समय-समय पर ‘मन की बात’ के माध्यम से राज्य की शीतकालीन यात्रा, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश और उत्तरकाशी के हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों के भ्रमण का सीधा सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन पर पड़ा है। उनके इन दौरों के कारण इन क्षेत्रों की लोकप्रियता वैश्विक स्तर पर बढ़ी है।
पर्यटन के क्षेत्र में बने नए कीर्तिमान
राज्य के पर्यटन क्षेत्र में आ रहे उछाल की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- वर्तमान वर्ष में अब तक डेढ़ लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा का आनंद ले चुके हैं।
- अकेले आदि कैलाश क्षेत्र में 36,700 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुँचे हैं।
‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को एक ‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए आधारभूत ढाँचे, सड़क संपर्क, आवास सुविधाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन को आजीविका का मुख्य साधन बनाने के लिए सरकार होमस्टे योजना, ग्रामीण पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
