
रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर जनपद रुद्रप्रयाग में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रशासन की विभिन्न टीमें यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। धाम क्षेत्र और पैदल मार्ग पर जमी भारी बर्फ को हटाने का कार्य ‘युद्ध स्तर’ पर किया जा रहा है ताकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग को सुचारु किया जा सके।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड में डटे हैं जवान और मजदूर
केदारनाथ धाम में इन दिनों कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच भी सफाई और रास्ता खोलने का अभियान निरंतर जारी है। विषम परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद प्रशासन की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। इस कार्य में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान भी कंधे से कंधा मिलाकर प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। दुर्गम रास्तों पर अपनी जान जोखिम में डालकर ये जवान बर्फ हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटे हैं।
दो दलों में बंटे 60 मजदूर, ग्लेशियर प्वाइंट्स पर विशेष नजर
पैदल मार्ग को साफ करने के लिए प्रशासन ने 60 मजदूरों की टीम को तैनात किया है, जिन्हें दो विशेष दलों में विभाजित किया गया है:
- पहला दल (30 सदस्य): केदारनाथ धाम से नीचे की ओर बर्फ हटाते हुए आ रहा है।
- दूसरा दल (30 सदस्य): छोटी लिंचोली से ऊपर की ओर बढ़ते हुए मार्ग साफ कर रहा है।
यह टीमें विशेष रूप से मार्ग में आने वाले छह प्रमुख ग्लेशियर प्वाइंट्स पर जमी बर्फ की मोटी चादर को काटने और हटाने का चुनौतीपूर्ण कार्य कर रही हैं।
सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता: एसपी निहारिका तोमर
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। उन्होंने कहा, “यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही यात्रा मार्ग पर आने वाले हर संभावित जोखिम को देखते हुए विशेष रणनीति तैयार की गई है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को एक व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सके।”
चारधाम यात्रा 2026 का कार्यक्रम
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां इस प्रकार हैं:
- 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम।
- 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम।
- 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम।
चारों धामों में इन दिनों व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
