
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और भविष्य की रणनीति को लेकर कड़ा संदेश दिया है। सोमवार को देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए गोदियाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी में नए सदस्यों को शामिल करने का अंतिम अधिकार केवल हाईकमान के पास है। उन्होंने पार्टी नेताओं को अनुशासन में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्तिगत राय सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय पार्टी फोरम पर रखी जानी चाहिए।
अनुशासन और नई नियुक्तियों पर स्पष्टीकरण
गणेश गोदियाल ने बताया कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के इच्छुक 18 प्रभावशाली व्यक्तियों की एक सूची हाईकमान को भेजी थी। स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद पहले चरण में छह नेताओं को बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “अन्य नामों पर भी हाईकमान जल्द निर्णय लेगा। कांग्रेस की रणनीति है कि हर महीने राज्य के प्रभावशाली लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए। भाजपा से त्रस्त कई बड़े चेहरे हमारे संपर्क में हैं।”
गैस किल्लत और कालाबाजारी पर सरकार को घेरा
पार्टी के आंतरिक मसलों के साथ-साथ गोदियाल ने जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत और कालाबाजारी हो रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने मांग की कि सरकार को गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चारधाम यात्रा और अर्थव्यवस्था पर चिंता
गोदियाल ने जोर देकर कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हजारों परिवारों का रोजगार इससे जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रसोई गैस का संकट जल्द हल नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर यात्रा और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी से उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी उत्तराखंड दौरे पर निशाना साधते हुए गोदियाल ने कहा कि पीएम को केवल भाषण नहीं देना चाहिए, बल्कि उत्तराखंड की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि देश में घरेलू गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर यात्रा शुरू होने से पहले इन बुनियादी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
