
ऋषिकेश/देहरादून | उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2026 का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और चारधाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सीएम ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनके लिए लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण भी किया।
खबर के मुख्य बिंदु:
- शुभारंभ: सीएम धामी ने ऋषिकेश से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को फ्लैग ऑफ किया।
- नया रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री ने कहा- मां गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नए कीर्तिमान बना रही है।
- कनेक्टिविटी: ₹12,000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से अब यात्रा होगी और भी आसान।
- हेल्थ अपडेट: केदारनाथ में अस्पताल तैयार, बदरीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक हो जाएगा शुरू।
आस्था और स्वच्छता का संगम: ‘ग्रीन चारधाम’ पर फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है। उन्होंने इस वर्ष के विशेष संकल्पों को साझा करते हुए कहा:
- प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ: प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
- ग्रीन यात्रा: पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इस बार ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ का मॉडल अपनाया गया है।
- सामूहिक जिम्मेदारी: श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे धामों की पवित्रता बनाए रखें और गंदगी न फैलाएं।
इंफ्रास्ट्रक्चर: दिल्ली से देहरादून अब और करीब
सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल ही में लोकार्पित हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रियों का समय बचेगा। इसके अलावा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी यात्री सुविधाओं को बढ़ाया गया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था: केदारनाथ में अस्पताल बनकर तैयार
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि सरकार यात्रियों की सेहत को लेकर बेहद गंभीर है। केदारनाथ धाम में आधुनिक मेडिकल अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में 50 बेड के अस्पताल का काम जून महीने तक पूरा कर लिया जाएगा। यात्रा मार्ग के सभी महत्वपूर्ण पड़ावों पर मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
