
देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर इस वर्ष श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा अब अपनी पूरी गति पकड़ चुकी है। पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 20 लाख के जादुई आंकड़े को पार कर गई है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में श्रद्धालुओं का तांता
अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से मात्र तीन दिनों के भीतर ही 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
पंजीकरण की स्थिति और अनिवार्यता
प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण (Registration) अनिवार्य किया है। पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक:
- पंजीकरण अवधि: 6 मार्च से 21 अप्रैल तक।
- कुल पंजीकरण: 20 लाख से अधिक।
- सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब कतार प्रबंधन (Queue Management) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए अपील
सरकार ने अपील की है कि जिन श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है, वे अपने निर्धारित समय पर ही यात्रा शुरू करें। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘पांच संकल्पों’ (स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, सेवा भाव और नियमों का पालन) को आत्मसात करने का आग्रह किया गया है।
