
चमोली/गोपेश्वर:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी की मार झेल रहे चमोली जिले में शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम सुहावना हो गया। जिला मुख्यालय गोपेश्वर सहित बदरीनाथ धाम और आसपास के इलाकों में हुई बारिश ने न केवल तपिश से राहत दिलाई है, बल्कि बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हुई हल्की बर्फबारी ने ठंडक का अहसास करा दिया है।
बदरीनाथ धाम में बारिश और बर्फबारी का अद्भुत नजारा
धार्मिक नगरी बदरीनाथ धाम में शनिवार दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। देखते ही देखते बदरीनाथ की ऊंची पहाड़ियों ने सफेद चादर ओढ़ ली। भगवान बदरी विशाल के दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह नजारा किसी दैवीय सौगात से कम नहीं था। भीषण गर्मी के बीच अचानक हुई इस बर्फबारी और बारिश से तीर्थयात्री बेहद उत्साहित नजर आए और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
किसानों के खिले चेहरे, गर्मी से मिली निजात
बारिश का सिलसिला केवल धाम तक सीमित नहीं रहा। जिला मुख्यालय गोपेश्वर, पीपलकोटी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से जहां आम जनजीवन को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली है, वहीं काश्तकारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि जानकारों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश की संभावना जताई थी। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 26 और 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश पर्वतीय हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मैदानी जिलों (हरिद्वार और उधम सिंह नगर) को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में हल्की बारिश और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही इस हलचल से तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने के आसार हैं।
