
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के लिए ‘वरदान’ साबित हो रही है। कपाट खुलने के मात्र 5 दिनों के भीतर ही जीएमवीएन को केदारनाथ धाम में 11 करोड़ रुपए की बंपर एडवांस बुकिंग मिल गई है। यह आंकड़ा साबित करता है कि तीर्थयात्रियों का सबसे ज्यादा भरोसा जीएमवीएन की सुरक्षित और किफायती सुविधाओं पर है।
इस खबर की 4 सबसे बड़ी और सकारात्मक बातें:
- बंपर बुकिंग: 27 अप्रैल तक जीएमवीएन के गेस्ट हाउस और टेंट कॉलोनियों की 11 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
- बड़ी क्षमता: केदारनाथ धाम में जीएमवीएन के पास हर दिन 3,500 यात्रियों के ठहरने (अकोमोडेशन) की शानदार व्यवस्था है।
- ईवी चार्जिंग (EV Charging): ‘ग्रीन यात्रा’ को बढ़ावा देने के लिए यात्रा रूट के गेस्ट हाउसों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं।
- स्वच्छता पर जोर: धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए 6 MLD का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तैयार किया गया है।
प्राइवेट होटलों से सस्ता और बेहतरीन विकल्प
जीएमवीएन के एमडी (प्रबंध निदेशक) प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में निगम बेहद किफायती दरों पर अपनी सेवाएं दे रहा है। केदारनाथ में उनके पास 3,000 लोगों के गेस्ट हाउस और 500 लोगों के लिए टेंट कॉलोनी की व्यवस्था है। प्राइवेट होटलों और अन्य गेस्ट हाउस की तुलना में जीएमवीएन न केवल सस्ता है, बल्कि यहां की ‘क्वालिटी सर्विस’ और ‘ट्रैवल व्यवस्था’ यात्रियों के सफर को बेहद सुगम और आरामदायक बनाती है।
‘ग्रीन यात्रा’ की पहल: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए जीएमवीएन एक बेहतरीन इको-सिस्टम तैयार कर रहा है। इस बार ‘ग्रीन यात्रा’ (Green Yatra) को बढ़ावा देने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर स्थित निगम के अतिथि गृहों (Guest Houses) में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जर (EV Chargers) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रदूषण मुक्त वाहनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
स्वच्छता के लिए मास्टर प्लान, लगा STP प्लांट
पहाड़ों पर 3,500 लोगों को एक साथ ठहराना बड़ी चुनौती है, खासकर पीने का शुद्ध पानी और कचरा प्रबंधन। इस चुनौती को सकारात्मक रूप से लेते हुए निगम ने मास्टर प्लान के तहत केदारनाथ में 6 MLD का एक विस्तृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) विकसित किया है।
- सभी नए और पुराने गेस्ट हाउस को इस आधुनिक सीवेज नेटवर्क से जोड़ा गया है।
- टेंट कॉलोनी के लिए विशेष ‘ड्यूल पिट सिस्टम’ (Dual Pit System) लागू किया गया है, ताकि कचरे और सीवेज का उचित निस्तारण हो सके और बाबा के धाम की पवित्रता और स्वच्छता पूरी तरह बरकरार रहे।
केदारनाथ धाम में जीएमवीएन की यह शानदार व्यवस्था न केवल निगम के खजाने को भर रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती यात्रा का बेहतरीन अनुभव भी दे रही है।
