
रामनगर (उत्तराखंड) | मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती इन दिनों तीर्थ स्थलों के भ्रमण पर हैं। उत्तराखंड प्रवास के दौरान रामनगर पहुंचीं उमा भारती ने राजनीतिक मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक आस्था पर खुलकर बात की। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अब सम्मान के साथ पद छोड़ देना चाहिए।
खबर की खास बातें (Key Highlights):
- ममता पर निशाना: उमा भारती बोलीं- ममता दीदी की जिद अब उनके लिए नुकसानदायक, लोकतंत्र का अपमान न करें।
- उत्तराखंड से प्रेम: कहा- यह भारत की सबसे पवित्र भूमि है, मेरा इससे गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है।
- घुसपैठ पर चिंता: पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में घुसपैठियों को बताया डेमोग्राफी के लिए खतरा।
- सीएम धामी की तारीफ: उत्तराखंड में जनसंख्या संतुलन के लिए उठाए कदमों को सराहा।
‘ममता दीदी सम्मान के साथ पद छोड़ें, लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ें’
ममता बनर्जी के साथ अपने पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए उमा भारती ने कहा, “दीदी से मेरी दोस्ती 1991 से है। वे अपनी जिद के कारण तीन बार सरकार बना पाईं, लेकिन अब वही जिद उनके लिए मुसीबत बन रही है। हर परिस्थिति में एक ही रणनीति काम नहीं करती।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ममता अपनी जिद पर अड़ी रहीं तो यह संविधान का अपमान होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी आलोचना होगी। उन्होंने सलाह दी कि ममता को सम्मान के साथ पद छोड़कर आगे की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़नी चाहिए।
‘पुण्य किए होते तो उत्तराखंड में जन्म लेती’
उत्तराखंड के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए उमा भारती भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “अगर मैंने पिछले जन्म में और पुण्य किए होते तो मेरा जन्म उत्तराखंड में होता। यह राज्य मेरे दिल में बसा है। हिमालय और बदरीनाथ जैसे धामों की उपस्थिति इसे दुनिया का सबसे पवित्र स्थान बनाती है।”
डेमोग्राफिक चेंज और घुसपैठ पर बड़ी बात
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उमा भारती ने कहा कि घुसपैठिए देश की डेमोग्राफी (जनसंख्या संरचना) बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा:
- असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद घुसपैठ पर लगाम लगी है।
- उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भी जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर वैश्विक चुनौती से निपटने में सक्षम है।
‘धामों की मर्यादा और अनुशासन बना रहे’
धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धामों में पहले जैसा अनुशासन और पारंपरिक गरिमा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की और जनता से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहें।
