
नैनीताल/रुद्रपुर: उत्तराखंड में धर्मांतरण और सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ लेने के मामले लगातार तूल पकड़ रहे हैं। इस मुद्दे पर अब न्यायपालिका और प्रशासन दोनों सख्त हो गए हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने जहां इस मामले में ठोस सबूत मांगे हैं, वहीं उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने धर्म परिवर्तन और अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना ली है।
हाईकोर्ट का आदेश: लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक करें
पिथौरागढ़ निवासी दर्शन लाल द्वारा दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने वाले लोग पहले से मिल रहे आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को इनका हक नहीं मिल पा रहा।
- कोर्ट की टिप्पणी: मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि ऐसे कितने लोग हैं जो धर्म परिवर्तन के बाद भी लाभ ले रहे हैं?
- अगला कदम: कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर ऐसे सभी लाभार्थियों को पक्षकार बनाकर उनकी सूची कोर्ट में पेश करे। मामले की अगली सुनवाई अब तीन सप्ताह बाद होगी।
उधम सिंह नगर में डीएम सख्त, ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ का होगा पालन
उधम सिंह नगर में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों को देखते हुए डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राज्य में ‘उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018’ का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
प्रशासन के 4 बड़े निर्देश:
- कठोर कार्रवाई: धर्मांतरण कराने वाले लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।
- सरकारी लाभ पर रोक: जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) वर्ग के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
- अवैध धार्मिक संरचना: सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों को चिह्नित कर उन्हें हटाया जाएगा।
- निगरानी: प्रार्थना स्थलों और संदिग्ध इमारतों की नियमित जांच होगी। बीडीओ (BDO) को ग्रामीण स्तर पर अवैध संरचनाओं की रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
अधिकारी बोले- कानून बिगाड़ने वालों पर एक्शन तय
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि विवादों के निस्तारण और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान भी तेज किया जाएगा।
