
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के गौरव, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। पहाड़ के गांवों से लेकर मैदानों तक, हर कोई अपने इस जननायक के जाने से मर्माहत है।
अस्पताल से निवास तक अंतिम यात्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज उनका पार्थिव शरीर मैक्स अस्पताल से सैनिक अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ अंतिम औपचारिकताएं व जांच पूरी की जाएंगी। इसके पश्चात, उनके पार्थिव शरीर को देहरादून के वसंत विहार स्थित उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहाँ प्रदेश भर से उनके समर्थक व शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
कल हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार
परिवार और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मेजर जनरल खंडूड़ी की अंतिम यात्रा कल सुबह 10 बजे उनके देहरादून स्थित आवास से निकलेगी। इसके बाद उन्हें हरिद्वार ले जाया जाएगा, जहाँ पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
एक युग का हुआ अवसान
मेजर जनरल खंडूड़ी का जाना केवल एक राजनेता का निधन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत माना जा रहा है। सैन्य पृष्ठभूमि से आने के कारण वे अनुशासन, सादगी और व्यक्तिगत ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे। सेना में रहते हुए देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद, उन्होंने राजनीति के गलियारों में भी जनसेवा की वैसी ही मिसाल कायम की।
आम जनता के ‘नायक’
उत्तराखंड जिसे ‘सैनिकों की भूमि’ कहा जाता है, उसके लिए भुवन चंद्र खंडूड़ी एक सच्चे नायक थे। चाहे केंद्र में सड़क परिवहन मंत्री के रूप में ‘सड़क पुरुष’ की भूमिका हो या राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की स्थापना, उन्होंने हमेशा आम आदमी की समस्याओं को प्राथमिकता दी। वर्तमान दौर की राजनीति में खंडूड़ी जैसे बेदाग और सिद्धांतवादी नेता का जाना एक ऐसी क्षति है, जिसे भरना असंभव है।
आज उनके निधन पर पूरा उत्तराखंड स्तब्ध है। उनके चाहने वाले और राज्य की जनता नम आंखों से अपने इस प्रिय नेता को अंतिम विदाई दे रही है।
