
देहरादून: रिस्पना पुल के निकट स्थित पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुए अग्निकांड और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने अस्पताल के पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया है।
शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग, एक मरीज की हुई थी मौत
बीते दिनों अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में शॉर्ट सर्किट होने के कारण अचानक आग लग गई थी। इस हादसे के दौरान वेंटिलेटर पर भर्ती कावली रोड निवासी एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा, बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मियों और मरीजों सहित कुल 14 लोग झुलस गए थे।
पंजीकरण निलंबित, नए मरीजों की भर्ती पर रोक
प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन की बात कही है। इसके तहत ‘क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के अंतर्गत अस्पताल का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है।
आदेश के अनुसार, जब तक इस मामले की विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकेंगी। जांच पूरी होने तक अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती, ओपीडी सेवाएं और सर्जरी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस कार्रवाई और आगामी जांच की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी लेने के लिए जब देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल से भी फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए सवाल
पैनेसिया अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर निजी और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। इस हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग पर भी यह दबाव बढ़ गया है कि वह केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहकर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ वास्तविक और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। चिकित्सालयों में मरीजों की सुरक्षा से समझौता बेहद गंभीर विषय है, और यह घटना पूरे स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
