
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के मासों तल्ला क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार ग्रामीणों के मुर्गी बाड़े में फंस गया। बाड़े के अंदर गुलदार की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर रेस्क्यू किया।
खास बातें:
- सुबह की घटना: मासों तल्ला क्षेत्र में बुधवार सुबह मुर्गी बाड़े में घुसा गुलदार, ग्रामीणों में मची दहशत।
- सफल रेस्क्यू: वन विभाग की टीम ने करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया।
- दहशत में ग्रामीण: ग्रामीणों का आरोप— क्षेत्र में घूम रहे हैं कई और गुलदार, डर के कारण खेतों में जाना हुआ बंद।
मुर्गी बाड़े में फंसा, 9 मुर्गियों को मार डाला
गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी के डीएफओ (DFO) महातिम यादव ने बताया कि सुबह विभाग को सूचना मिली थी कि मासों तल्ला क्षेत्र में एक गुलदार मुर्गी के बाड़े में फंस गया है। वन विभाग की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी।
करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर कब्जे में लिया गया। बाड़े में बंद होने के दौरान गुलदार ने 9 मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया था। फिलहाल गुलदार पूरी तरह सुरक्षित है और उसे नागदेव रेंज लाया गया है, जहां पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
बाड़े की सुरक्षा तोड़कर अंदर घुसा था गुलदार
मुर्गी बाड़े के स्वामी अर्जुन सिंह रावत ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गांव में रहकर खेती, बागवानी और मुर्गी पालन से जीवनयापन करते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात गुलदार बाड़े की सुरक्षा जाली को तोड़कर अंदर घुस गया था। उसने कई मुर्गियों को मार डाला और कुछ को अपने साथ ले गया। करीब एक सप्ताह पहले भी इसी गुलदार ने लोगों के सामने उनके कई मुर्गों का शिकार किया था। लगातार बढ़ रही घटनाओं से उनका पूरा परिवार और ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
खेतों में जाने से डर रहे ग्रामीण, कई गुलदारों की मौजूदगी की आशंका
स्थानीय निवासी शंकर नौटियाल ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले काफी समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। गुलदार पहले भी इंसानों पर हमले कर चुका है और अब लगातार पालतू पशुओं व मुर्गियों को निशाना बना रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि क्षेत्र में एक से अधिक गुलदार सक्रिय हैं।
लोगों का कहना है कि वे डर के कारण खेतों और बगीचों में काम करने नहीं जा पा रहे हैं। इस संबंध में वन विभाग को पहले भी कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में पिंजरा लगाकर अन्य गुलदारों को भी जल्द पकड़ा जाए।
