
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): रुद्रपुर स्थित जिला उद्योग केंद्र के आवासीय परिसर में बिजली विभाग और विजिलेंस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर बिजली चोरी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। लंबे समय से मिल रही बिजली चोरी की शिकायतों पर की गई इस कार्रवाई के दौरान चार लोगों को अवैध रूप से बिजली का उपभोग करते हुए पकड़ा गया। विभाग ने चारों आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए पंतनगर थाने में तहरीर सौंप दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
जानकारी के अनुसार, ऊर्जा निगम को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि जिला उद्योग केंद्र के आवासीय परिसर में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटिया डालकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग ने सतर्कता (विजिलेंस) दल के साथ मिलकर एक विशेष टीम का गठन किया।
एसडीओ अन्नू अरोरा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने आवासीय परिसर के विभिन्न आवासों और बिजली कनेक्शनों की आकस्मिक व गहन जांच की। इस दौरान चार अलग-अलग स्थानों पर सीधे तौर पर बिजली चोरी के पुख्ता प्रमाण मिले। टीम ने मौके से अवैध कनेक्शनों के तार और अन्य आवश्यक साक्ष्य जब्त कर लिए।
ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है अतिरिक्त बोझ: एसडीओ
इस कार्रवाई को लेकर एसडीओ अन्नू अरोरा ने कहा, “विभाग को क्षेत्र में बिजली चोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिनके सत्यापन के बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई। बिजली चोरी न केवल एक गंभीर कानूनन अपराध है, बल्कि इससे ऊर्जा निगम को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसके कारण ईमानदारी से अपना बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। ऐसे मामलों में विभाग किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा।”
भविष्य में भी जारी रहेगा विशेष अभियान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी को रोकना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है और राजस्व हानि को रोकने के लिए जिले भर में यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विद्युत विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध रूप से बिजली का उपयोग या चोरी हो रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग या विजिलेंस टीम को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
