- सीएम पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बैठक में बनी बड़ी सहमति
- दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगी ‘स्पर’ संपर्क सड़कें; सफर होगा आसान

देहरादून।उत्तराखंड के विकास और यहां के निवासियों व पर्यटकों के सफर को सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब ₹7,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इस बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्वतीय राज्य के विकास के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
परियोजनाओं की मुख्य बातें:
- स्पर सड़कों (Spur Roads) का जाल: पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के लिए छोटी संपर्क (स्पर) सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे सुदूर गांवों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
- पांच बड़ी नई पहल: राज्य के सड़क तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए पांच बड़ी नई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है।
- आर्थिक विकास को गति: बेहतर सड़कों के निर्माण से उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय आजीविका के नए मार्ग खुलेंगे।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियां अभी से शुरू
इस बड़े निवेश और परियोजनाओं को रफ्तार देने के पीछे सबसे महत्वपूर्ण वजहों में से एक हरिद्वार में आयोजित होने वाला ‘कुंभ मेला 2027’ है। कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यातायात सुनिश्चित करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि इन नई सड़क परियोजनाओं का निर्माण न केवल स्थानीय निवासियों के लिए हितकारी होगा, बल्कि यह कुंभ मेले के दौरान होने वाली भारी जाम की समस्या को समाप्त करने और यातायात को सुव्यवस्थित रखने में मील का पत्थर साबित होगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में सुगमता और विकास का नया अध्याय
उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में सड़क ही परिवहन का मुख्य साधन है। ऐसे में ₹7,000 करोड़ का यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगा।
बैठक में यह तय किया गया कि इन सभी परियोजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा ताकि स्थानीय निवासियों और आगामी कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ समय पर मिल सके। इस कदम से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में रह रहे लोगों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
