
देहरादून, उत्तराखंड सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए नई खेल नीति तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बार सरकार खेल नीति के निर्माण में केवल विभागीय स्तर तक सीमित न रहकर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी।
प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को खेल विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि नई खेल नीति तैयार करते समय आम लोगों व खेल से जुड़े लोगों से सुझाव आमंत्रित किए जाएं। इसके लिए खेल विभाग की ओर से जल्द ही एक ऑनलाइन लिंक जारी किया जाएगा, जिस पर लोग अपनी राय साझा कर सकेंगे।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य की नई खेल नीति में केंद्र सरकार की खेल नीति के महत्वपूर्ण प्रावधानों का समावेश किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को वैश्विक व राष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा उन्हें बढ़ावा देने का विशेष लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी नीति (2021) की व्यावहारिक कमियों को दूर कर एक सशक्त और व्यावहारिक खेल नीति बनाई जाएगी।
खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्राप्त होने वाले सुझावों में से जो व्यावहारिक और उपयोगी होंगे, उन्हें नई खेल नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ ही, खेल के विकास के लिए उत्कृष्ट और बहुमूल्य सुझाव देने वाले नागरिकों व खिलाड़ियों को विभाग द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक के दौरान खेल विभाग के अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की गई:
- खेल विश्वविद्यालय (Sports University): प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ी तैयारियों को गति देने और इसके निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और शोध का लाभ मिल सके।
- आउट ऑफ टर्न नौकरी (Out of Turn Jobs): विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
- खेल अकादमियों में समायोजन: अनुभव का लाभ नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से कुछ सीनियर पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रदेश की खेल अकादमियों में प्रशिक्षक या अन्य भूमिकाओं में समायोजित करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
