
देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और अनियमितताओं के मामले को लेकर राज्य में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है और यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है।
मुख्य बातें :
- उच्च स्तरीय जांच: शासन ने गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन किया।
- समय सीमा: कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
- सीएम धामी का रुख: ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत होगी कार्रवाई; विपक्ष को आस्था स्थलों पर राजनीति न करने की नसीहत।
- मंदिर समिति का कदम: इससे पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) भी मामले में 4 सदस्यीय कमेटी गठित कर चुकी है।
सीएम धामी का विपक्ष पर निशाना: “मुद्दे न मिलने पर आस्था स्थलों को राजनीति में न घसीटें”
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश भर में गरमाई सियासत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “जिन लोगों को कोई वास्तविक मुद्दा नहीं मिलता, वे सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए हमारे पवित्र आस्था स्थलों को भी अपने एजेंडे में शामिल कर लेते हैं। इस तरह की राजनीति से धार्मिक स्थलों का सम्मान और उनका वैभव कम होता है।”
सीएम ने आगे कहा कि बदरीनाथ धाम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो निष्पक्षता से काम करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच, सचिव धर्मस्व ने जारी किए आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मस्व सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से जांच कमेटी के गठन के आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इस उच्च स्तरीय समिति में प्रशासनिक और वित्तीय क्षेत्र के अधिकारियों को शामिल किया गया है:
- अध्यक्ष: आयुक्त, गढ़वाल मंडल।
- सदस्य: संदीप तिवारी (प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन – NHM)।
- सदस्य: जगत सिंह चौहान (निदेशक – वित्त, स्वास्थ्य विभाग)।
यह विशेष समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की गहन जांच करेगी और अगले 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट व संस्तुतियां (recommendations) शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
मंदिर समिति (BKTC) भी कर चुकी है जांच दल का गठन
उल्लेखनीय है कि चढ़ावा चोरी के आरोपों के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने भी अपने स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए एक चार सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया था। हालांकि, बढ़ते राजनीतिक घमासान और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब राज्य सरकार ने सीधे हस्तक्षेप कर प्रशासनिक स्तर पर गढ़वाल कमिश्नर की अगुवाई में जांच के आदेश दिए हैं ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
