
हरिद्वार:अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा हेराफेरी के संवेदनशील मामले को लेकर देश भर में जारी चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अपने निजी धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचे चिराग पासवान ने इस पूरे प्रकरण को शर्मनाक, निंदनीय और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रामभक्तों की अटूट आस्था का फायदा उठाकर भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो.
मुख्य बातें :
- चिराग का तीखा रुख: राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी को बताया बेहद शर्मनाक और रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़.
- सख्त संदेश: जांच में दोषी पाए जाने वाले छोटे-बड़े हर अधिकारी या पदाधिकारी पर होगी कड़ी कार्रवाई, जो मिसाल बनेगी.
- विपक्ष से अपील: इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय अगर किसी के पास कोई साक्ष्य या जानकारी है, तो उसे सीधे जांच एजेंसी या SIT को सौंपे.
- हरिद्वार दौरा: निजी धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में पहुंचे हैं चिराग पासवान, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत.
चिराग पासवान ने भव्य राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों लोगों की इच्छा और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के सम्मान में इस पावन मंदिर का निर्माण कराया है. ऐसे पावन स्थान पर पवित्रता बनाए रखने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, सरकार उठाएगी.
उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, जो भी दोषी पाया जाएगा—चाहे वह कोई छोटा कर्मचारी हो या बड़ा अधिकारी या पदाधिकारी—उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर मिसाल कायम की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी आस्था से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न कर सके।”
राम मंदिर मुद्दे पर हो रही सियासी बयानबाजी को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी राम मंदिर जाते हैं या नहीं, इसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता. लेकिन मैं विपक्ष से अपील करता हूँ कि वे इस मुद्दे पर राजनीति करने से बचें और जांच में सहयोग करें.”
उन्होंने जोर देकर कहा, “यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई भी तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी है, तो उसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का जरिया बनाने के बजाय सीधे जांच एजेंसी या एसआईटी (SIT) के सामने रखना चाहिए. इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने की जगह असली दोषियों को बेनकाब करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध संकल्प का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के संकल्प के अनुरूप किसी भी धर्मस्थल से जुड़े भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने एक निजी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरिद्वार आए हैं. आज शाम को वीआईपी (VIP) घाट पर उनका निजी कार्यक्रम प्रस्तावित है. इससे पहले, देर रात हरिद्वार के एक निजी होटल में रुकने पर उनके समर्थकों ने उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया.
