
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का कहर अब पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक दिखने लगा है। भारी बारिश और पहाड़ी दरकने के कारण राज्य के कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप हो गए हैं। चमोली और उत्तरकाशी जिलों में भूस्खलन के कारण बदरीनाथ और गंगोत्री नेशनल हाईवे बंद हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, मैदानी इलाकों (हरिद्वार, रुड़की और लंढौरा) में भारी जलभराव के चलते लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया है।
मुख्य बातें :
- बदरीनाथ हाईवे बंद: चमोली के फरासू स्लाइड जोन में लगातार हो रहे रॉक फॉल (पत्थर गिरने) के कारण नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद है।
- गंगोत्री हाईवे बाधित: उत्तरकाशी में नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भूस्खलन के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं।
- नदियां उफान पर: लगातार बारिश के बाद अलकनंदा और पिंडर नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट है।
- मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात: पिरान कलियर दरगाह परिसर, रुड़की और लंढौरा की कॉलोनियों में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है।
पहाड़ पर आफत: बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे बंद, यमुनोत्री पर राहत
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन ने यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है:
- चमोली (बदरीनाथ हाईवे): फरासू स्लाइड जोन में रॉक फॉल जारी रहने की वजह से सुरक्षा के मद्देनजर यातायात को रोक दिया गया है। एनएच की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने के कारण काम में बाधा आ रही है। प्रशासन ने यात्रियों को फिलहाल देवलगढ़-चमधार वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
- उत्तरकाशी (गंगोत्री हाईवे): नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भारी मलबे के कारण हाईवे बाधित है। नगुण के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है। बीआरओ (BRO) की मशीनें मार्ग खोलने की कोशिशों में लगी हैं।
- राहत की खबर: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास और टिहरी के सुवाखोली मोटर मार्ग पर रोतु की वैली के पास यातायात बहाल कर दिया गया है।
थराली में PWD की 5 सड़कें बंद, स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान
थराली इलाके में बुधवार रात से हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थानीय बाजारों में सन्नाटा पसरा है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) थराली के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि क्षेत्र की 5 महत्वपूर्ण सड़कें बंद हो गई हैं:
- थराली-देवाल-वाण मोटर मार्ग: गमलीगाड़ के पास भारी मलबे और बोल्डर आने से बंद है।
- थराली-कुराड मोटर मार्ग: तीन अलग-अलग स्थानों पर मलबा आने से बंद है।
- अन्य बंद मार्ग: नंदकेसरी जोला मार्ग, देवाल खेता मोटर मार्ग और कुनार बैंड घेस मोटर मार्ग पर भी चट्टानें गिरी हैं।
इसके अलावा जिलासू तहसील की जिलासू-बगड़ सड़क पर भी भारी मलबा आ गया है, जिससे बृहस्पतिवार सुबह स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मैदान में जलतांडव: पिरान कलियर दरगाह में घुसा पानी, रुड़की में घरों में घुसी नाली की गंदगी
पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश ने तबाही मचाई है:
- हरिद्वार (पिरान कलियर): बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक परिसर और स्थानीय बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया। मजार की ओर पानी बढ़ता देख अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) ने खुद रेत से भरे कट्टे लगाकर पानी को अंदर जाने से रोका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की सफाई न होने और अतिक्रमण के कारण यह स्थिति बनी है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने दरगाह प्रबंधन को तुरंत जल निकासी दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
- रुड़की और लंढौरा: रुड़की के रामपुर और महिग्रान मोहल्लों में बुधवार रात नाले ओवरफ्लो होने से पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया। वहीं लंढौरा की अंबेडकर कॉलोनी, पठानान, गुर्जरवाड़ा और माता हसन वाला बाग इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। मुख्य सड़कों और गलियों के तालाब में तब्दील होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
