देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने खुद को फर्जी IPS और केंद्रीय इंटेलिजेंस (RAW) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उत्तराखंड के ही एक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का बेटा आर. यशोवर्धन है।
राजपुर थाना पुलिस ने आरोपी यशोवर्धन को मसूरी रोड पर चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया। उसके पास से सेना की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, टोपियां और वायरलेस सेट जैसे कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं।
आरोपी से क्या-क्या हुआ बरामद
- फर्जी आईडी कार्ड: 5
- फर्जी विजिटिंग कार्ड: 8
- पुलिस/आर्मी के लोगो: 25
- आर्मी/पैरामिलिट्री की वर्दी: 3 जोड़ी (साथ में 3 फर्जी रिबन)
- अन्य सामान: 1 वायरलेस सेट (वॉकी-टॉकी), 1 लैपटॉप, फर्जी रक्षा मंत्रालय बैंड और टोपियां।
दो महिलाओं और कारोबारियों से की लाखों की ठगी
देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी के खिलाफ देहरादून में ठगी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं:
- पहला मामला (8 जुलाई 2026): डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि यशोवर्धन ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा दिया और उनसे 15 लाख रुपये की ठगी की।
- दूसरा मामला (15 जुलाई 2026): कैनाल रोड निवासी महिला वैज्ञानिक डॉ. अनुपमा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर उन्हें रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने, पेटेंट कराने और सरकारी अनुदान दिलाने का झांसा दिया। इस नाम पर आरोपी ने उनसे 4.60 लाख रुपये हड़प लिए।
पिता थे बड़े अफसर, खुद का सपना टूटा तो बन गया फर्जी IPS
पूछताछ में आरोपी यशोवर्धन ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसके पिता उत्तराखंड के एक बड़े प्रशासनिक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बचपन से ही वह अफसरों की कार्यशैली और उनका रुतबा देखकर बड़ा हुआ था और खुद भी अफसर बनने का सपना देखता था।
उसने कई सालों तक यूपीएससी (UPSC) की तैयारी की, लेकिन परीक्षा में सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने लोगों पर रौब झाड़ने और पैसे कमाने के लिए फर्जी आईपीएस अधिकारी, रॉ एजेंट और सीआरपीएफ का वरिष्ठ अधिकारी बनना शुरू कर दिया। वह फर्जी आईडी और वर्दी दिखाकर लोगों का विश्वास जीतता था और नौकरी दिलाने या सरकारी काम कराने के नाम पर ठगी करता था।
बाहुबली नेता चैंपियन के बेटे के साथ विवाद में भी आया था नाम
यह पहली बार नहीं है जब यशोवर्धन का नाम चर्चा में आया है। इससे पहले 14 नवंबर 2025 को उत्तराखंड के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह और आर. यशोवर्धन के बीच हुई मारपीट का मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई, अन्य राज्यों में भी जांच जारी
राजपुर थाना के एसओ पीडी भट्ट ने बताया कि दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को मसूरी रोड पर सीएसआई तिराहे के पास से धर दबोचा।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या अन्य राज्यों में भी उसके खिलाफ इस तरह के मामले दर्ज हैं। आरोपी को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
