
मुख्य बिंदु:
- तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक पूरे मॉल रोड पर हॉर्न बजाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध।
- हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में ‘उत्तराखंड मोटरयान नियमावली, 2011’ के तहत होगी चालानी कार्रवाई।
- 24 से 31 जुलाई तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियान, मॉल रोड पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और ध्वनि-प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आगामी 1 अगस्त से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक संपूर्ण मॉल रोड क्षेत्र में वाहनों द्वारा हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू रहेगा। 1 अगस्त के बाद आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ‘उत्तराखंड मोटरयान नियमावली, 2011’ एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि यह निर्णय नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। उत्तराखंड मोटरयान नियमावली के नियम-187 के तहत पूर्व में ही इसे नो-हॉर्न जोन घोषित करने के आदेश जारी किए जा चुके थे। मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में पुलिस, परिवहन, राजस्व, विकास प्राधिकरण और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन आदेशों को धरातल पर शत-प्रतिशत लागू कराने की समीक्षा की गई।
नियमों को सख्ती से लागू करने से पहले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को जानकारी देने के लिए 24 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जागरूकता सप्ताह चलाया जाएगा। इसमें वालंटियर्स, एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। मॉल रोड और आसपास के क्षेत्रों में बड़े-बड़े साइन बोर्ड, डिस्प्ले और फ्लेक्सी बैनर लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से लोगों को ‘नो-हॉर्न जोन’ के साथ-साथ झील और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
आदेश का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए मॉल रोड पर एक सप्ताह के भीतर विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी (SDM) नैनीताल को तत्काल सर्वे कर कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत चालानी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और एआरटीओ (ARTO) को व्यापार मंडल, टैक्सी एसोसिएशन, बार संघ, नाव संगठन और डीएसए (DSA) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनका पूर्ण सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा, “नैनीताल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र है और मॉल रोड अपनी शांति व प्राकृतिक सौम्यता के लिए प्रसिद्ध है। वाहनों के अनावश्यक हॉर्न से होने वाला ध्वनि प्रदूषण न केवल पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है, बल्कि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर को शांत व प्रदूषण-मुक्त वातावरण देना है।”
उन्होंने सभी स्थानीय वाहन चालकों, टैक्सी चालकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे मॉल रोड क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग बिल्कुल न करें और नैनीताल की प्राकृतिक गरिमा को बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
