
मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ा फैसला: कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) का होगा गठन।
- मिलेगा सम्मान: मानव-वन्यजीव संघर्ष में अदम्य साहस दिखाकर दूसरों की जान बचाने वाले आम लोगों को राज्य स्तर पर किया जाएगा पुरस्कृत।
- कुंभ के लिए तैयारी: हरिद्वार महाकुंभ में जंगली जानवरों का खतरा टालने के लिए QRT (क्विक रिस्पांस टीम) की होगी तैनाती।
- तकनीक का इस्तेमाल: जानवरों की निगरानी के लिए AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप का लिया जाएगा सहारा।
देहरादून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक का सबसे अहम निर्णय कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए ‘स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स’ (STPF) का गठन करना रहा, ताकि बाघों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता किया जा सके।
जान बचाने वालों को मिलेगा इनाम, पीड़ितों को समय पर मुआवजा
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों की जान बचाने वाले साहसी लोगों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए। इसके साथ ही, वन्य जीवों के हमले में घायल हुए लोगों या मृतकों के आश्रितों को तय मानकों के अनुसार बिना किसी देरी के मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।
हरिद्वार कुंभ के लिए खास तैयारी, QRT होगी तैनात
आगामी हरिद्वार महाकुंभ को देखते हुए वन्यजीव बोर्ड की बैठक में खास चर्चा हुई। कुंभ क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क से सटा होने के कारण वहां जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा रहता है। इसे देखते हुए सीएम ने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए विशेष ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
आधुनिक तकनीक (AI) और ड्रोन से होगी निगरानी
मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। इसके तहत:
- प्रभावित क्षेत्रों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जा रहा है।
- जानवरों की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
- वन कर्मियों को सर्प बचाव किट, सोलर लाइट और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों का विकास किया जाएगा।
विकास और पर्यावरण में संतुलन: इन प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
सीएम ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने, अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क निर्माण, ITBP के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं को जरूरी शर्तों के साथ ‘राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति’ को भेजने (अग्रसारित करने) की मंजूरी दी गई।
सफारी के लिए इको-फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा
बैठक में पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, संरक्षित क्षेत्रों में काम करने वाले फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) देने और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी तरीके से जांच करने की व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीएम ने कहा कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर इसे स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए।
