
देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित ‘मुख्य सेवक सदन’ में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों और साहित्यकारों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में साहित्यिक पर्यटन (Literary Tourism) को बढ़ावा देने के लिए दो ‘साहित्य ग्राम’ स्थापित करने की बड़ी घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की अनोखी पहल ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ का समर्थन करते हुए उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदीं और उन्हें रुद्रप्रयाग की सार्वजनिक लाइब्रेरी को उपलब्ध कराने का ऐलान किया।
खबर की 4 मुख्य बातें:
- दो साहित्य ग्राम: उत्तराखंड को लिटरेरी टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए दो ‘साहित्य ग्राम’ बनाए जा रहे हैं।
- 50 किताबें खरीदीं: सीएम धामी ने मौके पर मौजूद साहित्यकारों की 50 किताबें खुद खरीदकर रुद्रप्रयाग लाइब्रेरी को दान कीं।
- अप्रकाशित साहित्य का संरक्षण: ‘उत्तराखंड भाषा संस्थान’ के जरिए पुराने और बिखरे साहित्य को सहेजने व छापने का काम जारी है।
- साहित्यिक सम्मान: राज्य में वर्ष 2022 से ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ और वर्ष 2025 से ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ दिया जा रहा है।
“साहित्यकार समाज के दर्पण ही नहीं, मार्गदर्शक भी हैं”
संवाद कार्यक्रम के दौरान राज्यभर से आए साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं। सीएम धामी ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके साहित्यिक योगदान, वर्तमान लेखन और कुशलक्षेम की जानकारी ली।
साहित्यकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
बिखरे साहित्य को सहेज रहा उत्तराखंड भाषा संस्थान
सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की कर्मभूमि रही है, जिसने भारतीय साहित्य को नई ऊंचाइयां दी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘उत्तराखंड भाषा संस्थान’ के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का काम कर रही है। नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की आदत विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को दिया सीएम का साथ
हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा “एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य” थीम पर सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए लेखकों से 50 पुस्तकें खरीदीं। उन्होंने कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं। उनका यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में पढ़ने की रुचि को जागृत करेगा।
