
- सुरक्षा के मद्देनजर आज और कल के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा, मौसम सुधरने पर ही दोबारा होगी शुरू
- देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत 9 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
- मौसम विभाग की अपील: 2 अगस्त तक अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के एक बार फिर से उग्र होने के कारण प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज और कल (दो दिनों) के लिए यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से रास्ते बाधित हैं। मौसम अनुकूल होने और मार्ग साफ होने के बाद ही यात्रा पुनः प्रारंभ की जाएगी।
9 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश होने के आसार हैं।
2 अगस्त तक ऐसा ही रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि 2 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम का रुख ऐसा ही बना रहेगा। उफनते नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों को देखते हुए शासन-प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग और प्रशासन की सावधानियां व हिदायत:
- अनावश्यक यात्रा न करें: खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
- नदी-नालों से दूर रहें: बारिश के कारण नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए तटीय इलाकों के पास न जाएं।
- पहाड़ी क्षेत्रों के निवासी रहें अलर्ट: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी प्रशासनिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।
