
- पहाड़ों में भूस्खलन और मैदानों में जलभराव का संकट: प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर
- मौसम विभाग की अपील: जरूरी न हो तो पर्वतीय क्षेत्रों में सफर करने से बचें
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट।
- पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज बौछारें पड़ने की चेतावनी।
- पहाड़ों पर मलबा-बोल्डर गिरने से कई संपर्क मार्ग बाधित, नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
- राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान, रुक-रुक कर बारिश के आसार।
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज लगातार तल्ख बना हुआ है। प्रदेश के पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी इलाकों तक रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने आज प्रदेश के अधिकांश जनपदों में गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी कर लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा राज्य के अन्य सभी जनपदों में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश की चेतावनी के बाद शासन, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं।
राजधानी देहरादून में छाए रहेंगे बादल
राजधानी देहरादून की बात करें तो आज शहर में आंशिक से लेकर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। आज दून का अधिकतम तापमान लगभग 31°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रहने की संभावना है।
पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है:
- पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा: भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह से मलबा और भारी बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कई ग्रामीण व संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
- उफान पर नदी-नाले: पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
- मैदानी क्षेत्रों में आफत: मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की यात्रियों और स्थानीय लोगों को सलाह
मौसम की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि:
- जब तक बहुत जरूरी न हो, संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से बचें।
- नदियों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं।
- सफर के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (लैंडस्लाइड जोन) में विशेष सतर्कता बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
