
देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में जल्द ही तबादलों का दौर शुरू होने जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत खाली पड़े डिविजनों में स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रभारी डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) नियुक्त किए जा रहे हैं। सीनियरिटी के आधार पर एसडीओ (सब डिविजनल ऑफिसर) को डीएफओ का चार्ज दिया जाएगा।
हालांकि, मौजूदा फॉरेस्ट फायर सीजन के चलते बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना कम है। जून महीने में इस संबंध में विस्तृत योजना पर काम शुरू होगा, जिससे वन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रमोशन पाए अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
वन विभाग में हाल ही में हुई सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में उन वरिष्ठ अधिकारियों पर विचार किया गया, जिन्हें हाल ही में प्रमोशन मिला है। इनमें से कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक के बाद विभागीय मंत्री ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस सूची को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री के अनुमोदन का इंतजार किया जा रहा है।
किन अधिकारियों का हुआ प्रमोशन?
हाल ही में उत्तराखंड में APCCF (अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक) और PCCF (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) स्तर पर प्रमोशन किए गए हैं। प्रमोट होने वाले अधिकारियों में IFS अफसर कपिल लाल, एसपी सुबुद्धि, नीना ग्रेवाल, निशांत वर्मा, चंद्रशेखर जोशी और कल्याणी के नाम शामिल हैं। हालांकि, इस बार केवल कुछ अफसरों को ही नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों से पुरानी जिम्मेदारियां वापस भी ली गई हैं।
आगामी महीनों में और भी होंगे बदलाव
आने वाले महीनों में कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट और प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) की तैनाती को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा। ये दोनों ही पद फील्ड में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लेकिन राज्य में इन पदों के लिए आवश्यक संख्या में IFS अधिकारियों की कमी बनी हुई है। ऐसे में सरकार के पास प्रभारी नियुक्त करने का ही विकल्प बचा है, ताकि डिविजन और सर्कल स्तर पर वन प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सके।
जल्द ही मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद तबादलों और नई नियुक्तियों की सूची जारी कर दी जाएगी।