
देहरादून:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजस्थान के अजमेर स्थित तीर्थराज पुष्कर पहुंचकर जगतपिता ब्रह्मा जी के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान के साथ पूजा कर उत्तराखंड राज्य और समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। इस दौरान उन्होंने अपने नाम ‘पुष्कर’ के पीछे की कहानी भी साझा की और कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक प्रहार भी किए।
भावुक हुए सीएम, बताया क्यों पड़ा ‘पुष्कर’ नाम
ब्रह्मा जी की नगरी में पहुंचकर सीएम धामी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर की तपोमय भूमि पर आना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने एक व्यक्तिगत संस्मरण साझा करते हुए बताया, “संभवतः इसी स्थान की आध्यात्मिक महिमा और आभा से प्रेरित होकर मेरे माता-पिता ने मेरा नाम ‘पुष्कर’ रखा था।”
उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, गया और प्रयाग को ‘पंचतीर्थ’ माना गया है, लेकिन ब्रह्माजी की यज्ञस्थली होने के कारण पुष्कर को ‘समस्त तीर्थों का गुरु’ कहा जाता है।
उत्तराखंड धर्मशाला का लोकार्पण
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अजमेर स्थित ‘अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम’ के द्वितीय तल का लोकार्पण किया। उन्होंने आयोजन समिति और प्रवासी उत्तराखंडियों का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें यहाँ राजस्थान में नहीं, बल्कि अपने परिजनों के बीच होने का अहसास हो रहा है।
सीएम ने विश्वास जताया कि यह धर्मशाला न केवल श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल बनेगी, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करेगी।
कांग्रेस पर तीखा हमला: ‘विरोध करते-करते देश विरोधी हो गए’
धार्मिक कार्यक्रम के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने राजनीतिक मंच से कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
- तुष्टिकरण की हार: देश की जनता तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वालों को नकार चुकी है।
- चुनावी आईना: बिहार चुनाव से पहले महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजों ने कांग्रेस को आईना दिखा दिया है। जनता अब ‘डबल इंजन’ की सरकार पर भरोसा कर रही है।
- मोदी विरोध: सीएम ने कहा कि विपक्ष के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगे हैं, यही वजह है कि जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
