
हल्द्वानी: उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी गुरुवार को एक्शन मोड में नजर आए। काठगोदाम सर्किट हाउस में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जब मंत्री ने योजनाओं का हिसाब मांगा, तो अधिकारी बगले झांकते नजर आए। उद्यान और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी।
सवालों पर ‘खामोश’ रहे अधिकारी
मंत्री गणेश जोशी जब उद्यान विभाग की समीक्षा कर रहे थे, तो उन्होंने अधिकारियों से जनपद में एप्पल (सेब) और कीवी मिशन सहित पॉलीहाउस निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद अधिकारी इन योजनाओं की सही जानकारी मंत्री को उपलब्ध नहीं करा सके। मंत्री के सवालों पर अधिकारी एक-दूसरे का मुंह ताकते रहे, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आधी-अधूरी तैयारी के साथ बैठक में आने का कोई औचित्य नहीं है।
किसानों के खाते में सीधे जाएगा पैसा
किसानों को पॉलीहाउस निर्माण में हो रही देरी से राहत देने के लिए कृषि मंत्री ने एक बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि नाबार्ड के अंतर्गत पॉलीहाउस निर्माण के लिए अब धनराशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर (DBT) करने की व्यवस्था बनाई जाए। इससे काम में तेजी आएगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
बैठक में दिए गए अन्य प्रमुख निर्देश:
- कृषि यंत्रों का वितरण: कृषि यंत्रों का वितरण मनमाने ढंग से न होकर ‘न्याय पंचायत’ के आधार पर एक समान रूप से किया जाए।
- जनप्रतिनिधियों को दें जानकारी: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी दी जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
- मृदा हेल्थ कार्ड: मुख्य कृषि अधिकारी को जनपद में 100% सॉइल हेल्थ कार्ड (Mridha Health Card) बनाने का लक्ष्य दिया गया।
- कीवी और मिलेट्स पर जोर: जनपद में पारंपरिक खेती के साथ-साथ कीवी, एप्पल और मिलेट्स (मोटा अनाज) के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस करने को कहा गया।
- लखपति दीदी योजना: स्वयं सहायता समूहों के जरिए अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका से जोड़कर ‘लखपति दीदी’ की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
शहीद आश्रितों के लिए छात्रावास: 15 दिन का अल्टीमेटम
सैनिक कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने जनरल बीसी जोशी के नाम पर सैनिक आश्रितों के लिए बनने वाले छात्रावास को लेकर सख्ती दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर संयुक्त निरीक्षण कर सभी औपचारिकताएं पूरी करने का अल्टीमेटम दिया।
इसके अलावा, हल्द्वानी में सैनिकों की आवाजाही को देखते हुए सैनिक विश्राम गृह की क्षमता बढ़ाने और कार्यालय के नए भवन के लिए तत्काल डीपीआर (DPR) बनाकर शासन को भेजने का आदेश दिया। साथ ही, कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर जनरल बीसी जोशी के नाम पर एक भव्य द्वार बनाने के लिए जगह चिन्हित करने को कहा।
इस बैठक में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल भी मौजूद रहे।
