
देहरादून:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ नामक इस अभियान की शुरुआत 17 दिसंबर से होगी। इसका मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन को हर ग्राम और न्याय पंचायत तक पहुंचाना है।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
45 दिनों तक चलेगा अभियान, अधिकारियों को जाना होगा गांव
सरकार की यह मुहिम 45 दिनों तक चलेगी। इस दौरान प्रदेश के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी एसी कमरों से निकलकर न्याय पंचायत स्तर तक जाएंगे। शिविरों के माध्यम से न केवल केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, बल्कि पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
ये विभाग रहेंगे मुख्य भूमिका में
इस महाअभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस (गृह), पीडब्ल्यूडी (PWD), ऊर्जा, जल संस्थान, समाज कल्याण, कृषि और पशुपालन समेत लगभग सभी प्रमुख विभाग, बैंकिंग व वित्तीय संस्थान शामिल होंगे। ये सभी विभाग मिलकर ‘बहुद्देशीय शिविर’ लगाएंगे।
अभियान की मुख्य बातें:
- वंचितों का होगा सर्वे: शिविर आयोजित करने से पहले न्याय पंचायत स्तर पर एक सर्वे कराया जाएगा, ताकि उन लोगों की पहचान हो सके जो अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
- हफ्ते में 2-3 दिन शिविर: जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिए गए हैं कि हर सप्ताह कम से कम दो से तीन कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में शिविर सुनिश्चित किए जाएं।
- व्यापक प्रचार-प्रसार: शिविर लगाने से पहले इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
- अधिकारियों का भ्रमण: शिविर के दौरान सभी संबंधित अधिकारी गांव-गांव का भ्रमण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री की इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उतरकर आम आदमी के जीवन में बदलाव लाएं।
