
देहरादून: उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग साल 2026 को स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प के रूप में देख रहा है। विभाग ने आगामी वर्ष के लिए महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर भर्तियां, नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन, और आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्या होगा खास?
1. मेडिकल एजुकेशन का विस्तार: दो नए मेडिकल कॉलेज होंगे शुरू
साल 2026 चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वर्ष होगा। इस साल राजकीय मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ और राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इन कॉलेजों के शुरू होने से न केवल राज्य में मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि जनता को भी इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
2. ऋषिकेश एम्स का सैटेलाइट सेंटर: उधम सिंह नगर में मिलेगी विशेषज्ञता
जनता को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उधम सिंह नगर जिले में ऋषिकेश एम्स (AIIMS) का सैटेलाइट सेंटर भी इसी साल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
3. बायोमेट्रिक हाजिरी: डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर लगेगी लगाम
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक प्रमुख मुद्दा डॉक्टरों की अनुपस्थिति रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए, स्वास्थ्य विभाग ने 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के सभी अस्पतालों में बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि व्यवस्था सुचारू रूप से चले, महानिदेशालय और शासन स्तर पर हर महीने समीक्षा की जाएगी। साथ ही, वेतन भी बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
4. विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर: नया कैडर और भर्तियां
राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को एक बड़ी चुनौती मानते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक अलग कैडर बनाया जाएगा। इसके साथ ही, चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनात फैकल्टी के लिए एक अलग स्थानांतरण नीति भी बनाई जाएगी। साल 2026 में बड़े पैमाने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करके इस कमी को पूरा करने का लक्ष्य है।
5. मेडिकल स्टाफ की बंपर भर्ती: 2026 में होंगी व्यापक नियुक्तियां
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए, 2026 में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में डॉक्टर्स समेत मेडिकल स्टाफ की बड़े स्तर पर भर्ती की जाएगी।
- स्वास्थ्य विभाग:
- चिकित्सा अधिकारी: 287 पद
- नर्सिंग अधिकारी: 103 पद
- डेंटल हाइजीनिस्ट: 30 पद
- एएनएम (ANM): 180 पद
- चिकित्सा शिक्षा विभाग:
- नर्सिंग अधिकारी: 587 पद
- तकनीकी संवर्ग: आई.पी.एच.एस. (IPHS) मानकों के अनुसार, सभी अस्पतालों में लैब तकनीशियन, ओटी तकनीशियन, डायलिसिस तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, एक्स-रे तकनीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट जैसे तकनीकी पदों को सृजित कर भर्ती की जाएगी।
- आउटसोर्स से भर्ती: सभी अस्पतालों में लगभग 2000 वार्ड बॉय की भर्ती आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी।
6. सुविधाओं का उच्चीकरण और गुणवत्ता पर जोर
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि 2026 में प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों के लिए अलग-अलग ठोस कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा:
- साफ-सफाई: अस्पतालों में उचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- भोजन की गुणवत्ता: मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक मानक ‘मेन्यू’ तय किया जाएगा।
- अनिवार्य चादर बदलना: अस्पतालों में हर दिन अनिवार्य रूप से चादर बदली जाएगी।
- आधुनिक उपकरण: जिला चिकित्सालयों से लेकर सीएचसी (CHC) तक एमआरआई (MRI), सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे समेत अन्य आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री का आशावादी दृष्टिकोण
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि साल 2026 उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को ‘अपार संभावनाओं का साल’ साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से संसाधनों की उपलब्धता, मानव संसाधन की पूर्ति, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा। अंततः, इसका लाभ आम व्यक्ति तक पहुंचेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
