
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नववर्ष 2026 के पहले दिन प्रदेशवासियों और यात्रियों को परिवहन सेवा की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में शामिल 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अतिरिक्त, सीएम ने 10 एसी और 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया।
सुरक्षित और हाई-टेक होगा सफर
बसों को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को नई मजबूती देंगी। इन बसों के संचालन से यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था न केवल नागरिक सुविधा के लिए, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास और पर्यटन को गति देने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
कैलेंडर और स्मारिका का विमोचन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ और सड़क सुरक्षा जागरूकता पर आधारित एक कैलेंडर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान निगम के उन कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में ईमानदारी और निष्ठा के साथ उत्कृष्ट कार्य किया है।
4 नए ISBT और 14 बस अड्डों पर चल रहा काम
परिवहन अवसंरचना के विकास पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि सरकार निगम को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। इनमें 4 अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) भी शामिल हैं, जो राज्य की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगे।
इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट सुविधाएं जल्द
भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग और समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा पुख्ता होगी।
कर्मचारियों के हितों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि निगम कर्मियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए डीए (महंगाई भत्ता) में वृद्धि और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जा रहा है। साथ ही, मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन निगम को आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
