
उत्तराखंड सरकार ने राज्य को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेल भूमि’ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ (Sports Legacy Plan) के तहत राज्य में 23 नई खेल अकादमियों की स्थापना की घोषणा की है।
इस खबर की सबसे अच्छी बातें (Key Highlights):
- हजारों युवाओं को मौका: इन अकादमियों में हर साल लगभग 1,920 खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें 920 एथलीटों को ‘विश्व स्तरीय’ (World-Class) प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि 1000 अन्य खिलाड़ियों को भी उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
- 8 शहरों में विस्तार: यह अकादमियां केवल एक जगह नहीं, बल्कि प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में खोली जाएंगी, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बच्चों को अपने घर के पास ही ट्रेनिंग का मौका मिलेगा।
- फ्री ट्रेनिंग और सुविधाएं: टैलेंटेड खिलाड़ियों को ठहरने, खाने और आधुनिक उपकरणों के साथ निशुल्क प्रशिक्षण मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान बच्चों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।
- नेशनल गेम्स की विरासत: आगामी 38वें राष्ट्रीय खेलों (National Games) के लिए खरीदे गए करोड़ों रुपये के आधुनिक खेल उपकरणों का उपयोग इन अकादमियों में किया जाएगा, ताकि संसाधन बर्बाद न हों और खिलाड़ियों को इसका फायदा मिले।
यह फैसला उत्तराखंड के युवाओं के लिए ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतने का रास्ता खोलेगा। अब पहाड़ की जवानी, पहाड़ के काम भी आएगी और देश का नाम भी रोशन करेगी।
