मंदिर समिति की बैठक में मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने कपाट उद्घाटन के शुभ मुहूर्त की घोषणा की।

चमोली/गैरसैंण:
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध पंच बदरियों में से एक, आदिबदरी धाम (Adi Badri Dham) के कपाट मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। आगामी 14 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और महाभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
ब्रह्ममुहूर्त में होगा महाभिषेक
मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन ब्रह्ममुहूर्त में भगवान आदिबदरी का महाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान भगवान की मूर्ति को पवित्र जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
खिचड़ी का लगेगा विशेष भोग
मकर संक्रांति के पर्व पर भगवान को खिचड़ी का भोग लगाने की पुरानी परंपरा है। महाभिषेक और पूजा के बाद भगवान आदिबदरी को उड़द की दाल और चावल से बनी खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
एक महीने से बंद थे कपाट (मलमास/पौष मास)
गौरतलब है कि हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास (जिसे मलमास या खरमास भी कहा जाता है) के दौरान आदिबदरी मंदिर के कपाट आंशिक रूप से बंद रहते हैं या विशेष पूजा-अर्चना विराम पर रहती है। मान्यता है कि इस दौरान देवता विश्राम करते हैं। अब मकर संक्रांति के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत होगी और मंदिर की नियमित गतिविधियां फिर से पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हो जाएंगी।
भक्तों में उत्साह
आदिबदरी धाम के कपाट खुलने को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मंदिर समिति ने महाभिषेक और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। आदिबदरी मंदिर समूह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है और यह ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
मकर संक्रांति पर सुबह 5:30 बजे खुलेंगे आदिबदरी के कपाट, 7 दिनों तक चलेगा भव्य महाभिषेक समारोह
उत्तराखंड के प्रसिद्ध आदिबदरी धाम के कपाट खुलने का मुहूर्त तय हो गया है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर, 14 जनवरी को सुबह 5:30 बजे ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर में एक सप्ताह तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो जाएगा।
14 से 20 जनवरी तक महाभिषेक
रविवार को मंदिर परिसर में आयोजित मंदिर समिति की बैठक में कपाट खुलने की समय सारिणी और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने शुभ मुहूर्त की घोषणा करते हुए बताया कि कपाट खुलने के साथ ही 14 जनवरी से 20 जनवरी तक ‘महाभिषेक समारोह’ का आयोजन किया जाएगा।
श्रीमद् भागवत कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार:
- भागवत कथा: 14 जनवरी से गढ़वाल राइफल्स कीर्तन मंडप में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शुरू होगा।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: क्षेत्र के विभिन्न महिला मंगल दलों द्वारा इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मकर संक्रांति के अवसर पर भारी संख्या में पहुंचकर भगवान आदिबदरी का आशीर्वाद प्राप्त करें और महाभिषेक समारोह में भागीदार बनें।
