
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के रुद्रपुर में आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने और सम्मानजनक वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर उधम सिंह नगर जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य गेट बंद किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने गेट पर ही डेरा डाल दिया और जोरदार नारेबाजी की।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आज सुबह से ही रुद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जुटने लगी थीं। कार्यकर्ताओं का इरादा कलेक्ट्रेट के अंदर जाकर प्रदर्शन करने का था, लेकिन उनकी संख्या और उग्र तेवरों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही मुख्य गेट को ताला लगा दिया।
गेट बंद किए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। महिलाओं ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया और कलेक्ट्रेट गेट के सामने ही जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने “हमारी मांगें पूरी करो” और “शासन-प्रशासन होश में आओ” के नारे लगाए।
आंगनबाड़ी वर्कर पुशविंदर कौर ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, “हम सरकार की हर योजना को धरातल पर उतारते हैं। चाहे वह पोषण अभियान हो, टीकाकरण हो, सर्वे हो या जनगणना—हर काम में हमारी ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बावजूद हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा। वर्तमान महंगाई के दौर में मिलने वाला मानदेय बहुत कम है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।”
कार्यकर्ताओं ने यह भी शिकायत की कि उनसे निर्धारित समय से ज्यादा काम लिया जाता है और छुट्टियों के दिन भी ड्यूटी पर बुलाया जाता है, लेकिन इसके बदले कोई अतिरिक्त भुगतान या सुविधा नहीं दी जाती।
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। घंटों चले प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी वर्करों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘राज्य कर्मचारी’ का दर्जा दिया जाए।
- उचित वेतनमान लागू किया जाए।
- सेवा शर्तों में सुधार हो और अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) मनीष बिष्ट ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मांगों को उच्चाधिकारियों और शासन तक पहुंचा दिया जाएगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक बनाएंगी।
