चमोली/जोशीमठ:
विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली एक बार फिर सफेद चांदी जैसी बर्फ के बीच रोमांच और साहस का केंद्र बन गया है। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को ‘नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल 2026’ का विधिवत शुभारंभ किया। 13 से 16 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश के 17 राज्यों सहित सेना, आईटीबीपी और सीआरपीएफ की टीमें अपना दमखम दिखा रही हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन ‘जाइंट सलालम’ महिला वर्ग की रेस आयोजित की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश की खिलाड़ियों का दबदबा रहा। 18 प्रतिभागियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में हिमाचल की आंचल ठाकुर ने प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, संध्या ने दूसरा और तनुजा ठाकुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीनों विजेता खिलाड़ी हिमाचल प्रदेश से हैं।
शुभारंभ के अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने औली की भौगोलिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “औली न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक आदर्श विंटर स्पोर्ट्स हब बनने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार इसे साल भर चलने वाले पर्यटन चक्र का हिस्सा बना रही है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय होमस्टे और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
औली में नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ के अवसर पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रदेश के पर्यटन और साहसिक खेलों के भविष्य को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को केवल सीजनल नहीं, बल्कि ‘ऑल वेदर’ टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है।
सतपाल महाराज ने उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
पर्यटन मंत्री ने घोषणा की कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए औली में आयोजित होने वाले ‘विंटर कार्निवल’ को अब प्रतिवर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर ‘ऐरो फेस्टिवल’ भी अब एक कैलेंडर इवेंट होगा।
सबसे रोमांचक घोषणा कुमाऊं से गढ़वाल के बीच होने वाली प्रसिद्ध ‘हिमालयन कार रैली’ को लेकर रही। 80 के दशक में बेहद लोकप्रिय रही इस रैली को साल 2026 में दोबारा शुरू किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के मोटर स्पोर्ट्स प्रेमी उत्तराखंड की ओर रुख करेंगे।
पर्यटन मंत्री ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों की चिंता को दूर करते हुए बताया कि औली रोपवे की मरम्मत का काम प्राथमिकता पर है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) पहुँच चुकी है और जल्द ही यह फिर से सुचारू होगा।
सतपाल महाराज ने कहा कि इन आयोजनों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय होमस्टे और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के दूरस्थ सीमांत गांवों जैसे नीति और माणा को पर्यटन के मुख्य मानचित्र पर लाकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।
कार्निवल के दौरान केवल खेलों का ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया। ‘मां नंदा देवी डोली’ के भव्य मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। साथ ही, स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
समुद्र तल से 3,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित औली की बर्फीली ढलानों पर नंदा देवी और कामेट जैसे शिखरों की छांव में शुरू हुआ यह उत्सव उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय लिख रहा है।
ये टीमें ले रही हिस्सा-
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