
हरिद्वार: देशभर में छिड़े भाषा विवाद के बीच योग गुरु बाबा रामदेव का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है.उन्होंने सनातनियों को जाति-पाति और भाषाओं के आधार पर न बंटने का आह्वान करते हुए कहा कि इस तरह का विभाजन सनातन धर्म को कमजोर करेगा.पतंजलि में एक उत्पाद की लॉन्चिंग के मौके पर बोलते हुए उन्होंने महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध को लेकर कहा कि हमें राष्ट्रीय भाषा और मराठी सहित सभी भाषाओं को समान गौरव देना चाहिए.
बाबा रामदेव ने जोर देकर कहा कि भाषाओं के नाम पर लड़ना गलत है और सभी भारतवासियों को एकजुट होकर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमारी एकता में ही राष्ट्रीय एकता और अखंडता अक्षुण्ण रहेगी. हम सब भारत माता, धरती माता की संतान हैं.” उनका यह बयान महाराष्ट्र में मराठी और हिंदी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने सभी भाषाओं को गौरव का प्रतीक बताया.
कांवड़ यात्रा और अन्य मुद्दों पर भी रखी राय
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने कांवड़ यात्रा को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने पहचान छिपाने के विवाद पर कहा कि जैसे उन्हें अपने हिंदू होने पर गर्व है, वैसे ही हर मुस्लिम को भी अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए.उन्होंने कहा कि किसी को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है. योग गुरु ने कांवड़ियों से यात्रा के दौरान हर तरह के नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि यह दुर्व्यसनों को छोड़ने का एक अच्छा अवसर है.
इसके अतिरिक्त, बाबा रामदेव ने बिहार में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर भी चिंता व्यक्त की.उन्होंने कहा कि हर भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है.उन्होंने कहा कि सभी सरकारों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिसमें हर नागरिक हर स्थान पर सुरक्षित महसूस करे.
