
देहरादून: उत्तराखंड में गरीबों को बांटने के लिए रखे गए सैकड़ों क्विंटल घटिया और खराब चावल का बड़ा खुलासा हुआ है। देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने गोदाम पर छापा मारकर इस गड़बड़ी को उजागर किया। जांच में पता चला कि गोदाम में रखा सैकड़ों क्विंटल चावल खराब था, जिसे गरीबों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटा जाना था। इस खुलासे के बाद अब लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वरिष्ठ विपणन अधिकारी (SMO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पर गाज गिर सकती है।
26 मार्च को डीएम सविन बंसल ने गुलरघाटी स्थित खाद्य गोदाम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। अगले ही दिन एडीएम जय भारत के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने गोदाम पर छापा मारा और वहां मौजूद चावल के सैंपल लिए। जांच में 12 लॉट (करीब 2,200 क्विंटल) चावल खराब पाया गया।
जिम्मेदार अफसरों पर होगी कार्रवाई
इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद अब संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा सकता है। खाद्य आपूर्ति विभाग की इस लापरवाही से गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैअब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दोषियों पर अंतिम कार्रवाई तय होगी।
खाद्य विभाग और राइस मिलों की मिलीभगत से हुआ खेल, सैकड़ों क्विंटल घटिया चावल गोदाम में रखा
उत्तराखंड में गरीबों को बांटे जाने वाले सैकड़ों क्विंटल घटिया चावल के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल खाद्य विभाग और राइस मिलों की मिलीभगत से हुआ है। खाद्य विभाग ने सस्ते दामों पर टूटा, पुराना और काला चावल खरीदा, जिसे पॉलिश कराकर गोदाम में स्टोर किया गया था।
गुणवत्ता में फेल चावल गरीबों में बांटने की तैयारी थी
खाद्य विभाग द्वारा खरीदे गए गुणवत्ताहीन चावल को विभिन्न जिलों में गरीबों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटा जाना था। जांच में यह भी सामने आया है कि सस्ते में घटिया चावल खरीदकर उसे वितरण के लिए भेजा जा रहा था। इस खुलासे के बाद प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल है?
डीएम सविन बंसल की सख्ती, दोषी अफसरों पर कार्रवाई शुरू
इस पूरे घोटाले का खुलासा होने के बाद डीएम सविन बंसल ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (SMO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के खिलाफ वेतन रोकने, प्रतिकूल प्रविष्टि देने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए निर्देश जारी
- गोदामों में “फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट” (FIFO) की व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि पुराने और घटिया खाद्यान्न की जमाखोरी न हो।
- खाद्य भंडारण की सख्त निगरानी करने को कहा गया है, जिससे गुणवत्ता वाले खाद्यान्न का ही विपणन हो।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
एडीएम जय भारत के अनुसार, प्रशासन इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा कि कितने नमूने फेल हुए, क्या-क्या अनियमितताएं पाई गईं, और कौन जिम्मेदार है। रिपोर्ट तैयार होते ही दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- खाद्य गोदाम पर प्रशासन की कार्रवाई को दो दिन पूरे हो गए हैं. अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि कितने नमूने फेल हुए? वहां क्या-क्या होना चाहिए था और नहीं मिला, किस स्तर पर लापरवाही बरती गई? इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी, उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी. – जय भारत, एडीएम, देहरादून