
देहरादून | उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। बीकेटीसी की बोर्ड बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।
इसके साथ ही, धामों में एक निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन ले जाने पर भी पाबंदी लगाई जाएगी। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 121.7 करोड़ रुपए का बजट भी पारित किया गया है।
कब खुलेंगे धामों के कपाट?
- गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया के दिन)
- केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल
- बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल
बजट का गणित: दोनों धामों के लिए 121.07 करोड़ का प्रावधान
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के संचालन में हुई बैठक में 121.07 करोड़ (121,07,99,501 रुपए) का अनुमानित बजट पास किया गया।
- बदरीनाथ धाम के लिए: 57.47 करोड़ रुपए
- केदारनाथ धाम के लिए: 63.60 करोड़ रुपए
- कुल अनुमानित खर्च: बजट में प्रस्तावित आय के मुकाबले 99.45 करोड़ रुपए के खर्च का प्रस्ताव रखा गया है।
बोर्ड बैठक में पास हुए 5 सबसे बड़े प्रस्ताव
- गैर-सनातनियों पर रोक: बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में गैर-सनातनियों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
- मोबाइल बैन: दोनों धामों में मंदिर के आसपास एक तय दूरी तक मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- ऋषिकेश में कैंप: यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति अपना शिविर कार्यालय (Camp Office) खोलेगी।
- रावल की नियुक्ति में संशोधन: रावल (मुख्य पुजारी) की नियुक्ति नियमावली व परंपराओं से जुड़े प्रस्ताव और BKTC अधिनियम में संशोधन को मंजूरी।
- कर्मचारियों को सौगात: कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने, वेतन विसंगति दूर करने, प्रमोशन देने और वेतन-पेंशन के लिए अलग से ‘रिवॉल्विंग फंड’ बनाने का प्रस्ताव पास।
ये अहम फैसले भी लिए गए
- आदि बदरी मंदिर को अब बीकेटीसी में शामिल किया जाएगा।
- मर्कंटेश्वर मंदिर के सभा मंडप का पुनर्निर्माण होगा।
- डिमरी धार्मिक पंचायत के पत्रों पर विचार और नई पूजा सामग्री खरीदने के प्रस्ताव पर मुहर लगी।
- यात्रा और दर्शन के लिए नई SOP, ऑनलाइन पूजा व्यवस्था, और मंदिर समिति की वेबसाइट को अपडेट करने का फैसला लिया गया।
सुरक्षित और सुगम दर्शन पर फोकस
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन करवाना है। पीएम नरेंद्र मोदी के विजन और सीएम पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में केदारनाथ का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है और बदरीनाथ में काम तेजी से चल रहा है। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आधारभूत ढांचे और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
