
देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो जाएगा। शासन-प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। इस बार यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
कपाट खुलने का विस्तृत कार्यक्रम
इस वर्ष चारधामों के कपाट खुलने का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल (यात्रा का प्रारंभ)
- केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल, बुधवार
- बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल, गुरुवार
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: एक हफ्ते पहले तैनात होगी फोर्स
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने विस्तृत सुरक्षा प्लान साझा किया है। उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू होने से एक सप्ताह पहले ही पूरे रूट पर फोर्स तैनात कर दी जाएगी।
- सेक्टर व्यवस्था: हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक सेक्टर बनाया गया है, जहाँ 4 जवान मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे।
- लैंडस्लाइड पर नजर: यात्रा मार्ग पर चिह्नित 57 डेंजर जोन (लैंडस्लाइड जोन) पर तत्काल रास्ता खोलने के लिए जेसीबी (JCB) मशीनें तैनात रहेंगी, ताकि भूस्खलन की स्थिति में यातायात बाधित न हो।
स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार: धामों में मिलेंगे अस्पताल
श्रद्धालुओं के लिए राहत की बड़ी खबर यह है कि इस बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में नवनिर्मित अस्पतालों को संचालित कर दिया जाएगा। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में अब यात्रियों को धाम परिसर में ही तत्काल और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
जाम से मुक्ति और विभागीय समन्वय
ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष रूट प्लान तैयार किया है। पर्यटन विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण (PWD), पेयजल, परिवहन और पशुपालन विभाग अपनी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। सड़कों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
शासन का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार सुगम, सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव प्राप्त हो।
