
देहरादून: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते युद्ध के तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से विशेष अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के दोनों सदनों में दिए गए संबोधन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन और एकजुटता दिखाने का है। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि जिस तरह हमने कोरोना काल की वैश्विक चुनौती का सामना धैर्य के साथ किया था, वैसी ही भावना आज फिर से जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने संसद से दिया सुरक्षा का भरोसा
सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया था कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट के हालातों पर पूरी पैनी नजर बनाए हुए है। पीएम ने कहा कि भारत ने अतीत में भी कई कठिन दौर देखे हैं और हर बार हम अपनी ‘एकजुटता’ के बल पर विजयी होकर निकले हैं। उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय देशवासियों ने जिस अनुशासन और संसाधनों के सही उपयोग की मिसाल पेश की थी, आज भी उसी संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
प्रधानमंत्री के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें।
सीएम धामी के संबोधन की मुख्य बातें:
- धैर्य और संयम: मुख्यमंत्री ने कहा, “जब कोरोना जैसी महामारी आई थी, तब हमने सीमित संसाधनों के बावजूद आपसी सहयोग से उसे मात दी थी। आज वैश्विक संकट के इस दौर में भी हमें उसी संयम की आवश्यकता है।”
- आधिकारिक जानकारी: नागरिकों से केवल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों और सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
- भारतीयों की सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों, विशेषकर उत्तराखंड के प्रवासियों की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (तेल और गैस) और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत के बाजारों पर भी दिखना संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें पहले से ही सतर्क हैं ताकि किसी भी संभावित आर्थिक चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
सरकार की तैयारी पूरी
सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हर स्तर पर सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की पूरी मशीनरी स्थिति की समीक्षा कर रही है और देश हर चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री धामी का यह बयान प्रदेश में शांति और विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनका संदेश साफ है—संकट वैश्विक हो सकता है, लेकिन समाधान हमारी स्थानीय एकजुटता और धैर्य में ही छिपा है।
