
देहरादून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार और प्रतिष्ठित लेखक जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी मंच पर मौजूद रहे।
किताबों का कोई विकल्प नहीं: सीएम धामी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “बुके नहीं, बुक दीजिए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चाहे कितनी भी तरक्की क्यों न कर ले, लेकिन किताबों का कोई विकल्प नहीं हो सकता। किताबें ज्ञान का स्थाई स्रोत हैं।
25 वर्षों का प्रामाणिक दस्तावेज है यह पुस्तक
मुख्यमंत्री ने लेखक जय सिंह रावत को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के इतिहास और संस्कृति पर तो कई किताबें हैं, लेकिन राज्य गठन के बाद के 25 वर्षों (ढाई दशक) के राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रमों को तथ्यों और दस्तावेजों के साथ संकलित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने कहा कि पांच भागों में विभाजित यह पुस्तक राज्य के विकास की एक संपूर्ण और प्रामाणिक दस्तावेज़ी यात्रा है। यह शोधार्थियों, छात्रों और विशेषकर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
अपनी बोली-भाषा पर गर्व करें
इस दौरान सीएम धामी ने स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं के डिजिटलाइजेशन पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे घरों और विद्यालयों में अपनी बोली-भाषा का उपयोग करें, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ी रहे।
