
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजधानी देहरादून में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। वन मुख्यालय के मंथन सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सीएम धामी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि प्रदेश की एक-एक इंच सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है, और इसे अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में और तेजी लाई जाए।
फर्जी दस्तावेजों की होगी गहन जांच, नपेंगे अधिकारी
बैठक में सीएम धामी ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए परिवार रजिस्टर, आयुष्मान कार्ड और बिजली कनेक्शनों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र नागरिकों को ही मिलना चाहिए। यदि जांच में यह पाया गया कि किसी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर योजनाओं का लाभ लिया है, तो इसके लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले काम पूरा करने का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मात्र दो से तीन महीने का समय शेष है। ऐसे में जिलाधिकारी सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कराएं। उन्होंने सड़कों की खुदाई को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि विभागों के आपसी तालमेल की कमी से जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। खुदाई और निर्माण कार्य इस तरह हों कि आम जनमानस को आवागमन में दिक्कत न आए।
शीतकाल और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
सीएम ने राजधानी क्षेत्र में बढ़ती ठंड को देखते हुए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ाने को कहा गया है। सीएम ने कहा कि देहरादून राजधानी है, यहाँ केंद्र और राज्य की योजनाएं प्रभावी ढंग से धरातल पर दिखनी चाहिए ताकि वे जनस्पर्शी बन सकें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई विधायक और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
