खबर का सार:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में मां पूर्णागिरि मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने 430 करोड़ के गोलज्यू कॉरिडोर और अन्य विकास योजनाओं की जानकारी दी। मेले को दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थायी लाइट व क्राउड मैनेजमेंट पर जोर दिया गया है।

टनकपुर (चंपावत) | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चंपावत जिले के टनकपुर पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तर भारत के प्रसिद्ध ‘मां पूर्णागिरि मेले’ का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। यह मेला 27 फरवरी से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। इस दौरान सीएम ने जिले के लिए कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
2021 से लगातार शुभारंभ कर रहे हैं सीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वर्ष 2021 से उन्हें हर साल इस मेले के शुभारंभ का अवसर मिल रहा है। उद्घाटन के दौरान क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे।
tv10indiaखास: मेले और विकास से जुड़ी बड़ी बातें
- मेला अवधि: 27 फरवरी से 15 जून (सरकारी अवधि)।
- लाइटिंग की सुविधा: टनकपुर से मां पूर्णागिरि धाम तक स्थायी पथ प्रकाश (Street lights) की व्यवस्था जल्द होगी।
- क्राउड मैनेजमेंट: प्रशासन मंदिर क्षेत्र में ‘इंटीग्रेटेड क्राउड मैनेजमेंट’ पर काम कर रहा है ताकि भीड़ पर काबू पाया जा सके।
- गोलज्यू कॉरिडोर: चंपावत में 430 करोड़ की लागत से गोलज्यू कॉरिडोर का काम चल रहा है।
- रिवर फ्रंट: शारदा रिवर फ्रंट के तहत पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
‘बचपन से रहा है मां का आशीर्वाद’
सीएम धामी ने भावुक होते हुए कहा, “मां पूर्णागिरि के दरबार में आकर मुझे आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। बचपन से ही मुझ पर मां शारदा और मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद रहा है। हमारी सरकार इस धाम को भव्य बनाने के लिए संकल्पित है।”
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह मेला सालभर चले। इसके लिए सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। पेयजल, सुरक्षा और सड़कों को बेहतर बनाया गया है ताकि श्रद्धालु मां के दर्शन के बाद चंपावत के अन्य नैसर्गिक पर्यटन स्थलों का भी आनंद ले सकें। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को गति मिलेगी।
