
देहरादून/पिथौरागढ़. उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया. रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई अड्डे के लिए 42 सीटर विमान सेवा की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केक काटकर और हरी झंडी दिखाकर एलायंस एयर के विमान को रवाना किया.
पहले दिन 46 यात्रियों ने किया सफर
पिथौरागढ़ पहुंचने पर विमान का स्वागत ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ से किया गया. वहां जिलाधिकारी ने केक काटकर जनपदवासियों को इस सेवा की बधाई दी.
- आगमन: देहरादून से पिथौरागढ़ कुल 24 यात्री और 1 शिशु पहुंचे.
- प्रस्थान: पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए 22 यात्री और 1 शिशु रवाना हुए.
सीएम धामी बोले- सीमांत क्षेत्रों को मिली नई उड़ान
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर हवाई सेवाओं के विस्तार पर काम कर रही हैं. उन्होंने इसे क्षेत्रीय विकास और पर्यटन के लिए ऐतिहासिक कदम बताया.
सीएम के संबोधन की मुख्य बातें:
- हेलीपोर्ट और हेलीपैड का विस्तार: पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड में हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है. वहीं, हेलीपैड भी 60 से बढ़कर 118 हो गए हैं.
- आपातकालीन सेवाओं को मजबूती: सीएम ने कहा कि विकसित हो रहे हेलीपैड्स से दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और ‘हेली एम्बुलेंस’ की सुविधा सुनिश्चित हुई है.
- पीएम मोदी का आभार: सीएम ने हवाई सेवाओं के विकास में मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया.
पर्यटन और स्थानीय लोगों को होगा फायदा
देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच इस विमान सेवा के शुरू होने से घंटों का सफर अब मिनटों में तय होगा. इससे न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमांत जिले में पर्यटन और तीर्थयात्रा को भी नई गति मिलेगी.
4 साल में कितना बदला हवाई नेटवर्क?
- हेलीपोर्ट: 02 से बढ़कर 12 हुए.
- हेलीपैड: 60 से बढ़कर 118 हुए.
- विमान क्षमता: अब 42 सीटर विमान से कनेक्टिविटी शुरू.
